hindi Best Spiritual Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Spiritual Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and...Read More


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  • महाराणा प्रताप - अध्याय 3

    अध्याय 3: रक्तरंजित हल्दीघाटी  सूरज अब सिर पर था। हल्दीघाटी की पथरीली धरती पर रक...

  • गीता और क़ुरआन

     शीर्षकगीता और क़ुरआनउपशीर्षकदोनों का सार एक ही सत्य है — शब्द अलग हैं AGYAT AGY...

महाभारत की कहानी - भाग 194 By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग-१९८ भीष्म द्वारा वर्णित वराहरूपी विष्णु की कथा, यज्ञ में अहिंसा और प्राणदण्ड की निन्दा   प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य महाभारत रचना किया। इस...

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श्रापित एक प्रेम कहानी - 55 By CHIRANJIT TEWARY

दयाल की बात सुनकर दक्षराज जौर जौर से हंसने लगता है और कहता है---> हा हा हा हा । मेरे साथ रहकर तेरी भी बुध्दी काम करने लगी है दयाल। वही घर के उपर बैठे मातंक और त्रिजला यह सब दैखकर ह...

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वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय - 3 By Prashanth B

स्कूल की घंटी बजी। अर्जुन और किरण स्कूल के बाहर आइसक्रीम की दुकान के पास खड़े थे। शांतप्पा की दुकान—जो मलनाड में अपनी मशहूर कुल्फी के लिए जानी जाती थी।"दो मैंगो कुल्फी," किरण ने कह...

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भक्त प्रह्लाद - 2 By Siya Kashyap

हिरण्याक्ष का उत्थान एवं पतनजब से सृष्टि-चक्र आरंभ हुआ, तभी से पुण्य व पाप का इतिहास-चक्र भी अपने अंदर अनेक रहस्य समेटे हुए निरंतर अबाध गति से चलायमान है। जिस प्रकार अच्छाई और बुरा...

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महाराणा प्रताप - अध्याय 3 By Narayan Menariya

अध्याय 3: रक्तरंजित हल्दीघाटी  सूरज अब सिर पर था। हल्दीघाटी की पथरीली धरती पर रक्त बह रहा था, और हवा में तलवारों की टकराहट, घोड़ों की हिनहिनाहट और घायल सैनिकों की चीखें गूंज रही थी...

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अदृश्य पीया - 14 By Sonam Brijwasi

(रात। कमरा शांत है। टेबल पर ग्रंथ खुला है, पास ही कौशिक का चश्मा।)(सुनीति खिड़की के पास खड़ी है। चेहरे पर डर नहीं… एक अडिग फैसला।)जब इंसान तय कर ले कि वो क्या खोने को तैयार है—तब ड...

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मै मन - 2 By Vedanta Life Agyat Agyani

अध्याय — जीवन को समझना नहीं, देखना क्यों जरूरी है?  (जीवन का प्रत्यक्ष विज्ञान-दर्शन — वेदांत 2.0) मनुष्य जीवन को समझना चाहता है।वह शब्द बनाता है, सिद्धांत बनाता है, दर्शन बनाता है...

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स्वधर्म संदेश - 2 By Vedanta Life Agyat Agyani

                               Part 2                            यही वेदान्त 2.0 की धारा है।      कबीर के उदाहरण (ईश्वर, गुरु, “मैं”, सत्य)  1️⃣  ईश्वर भीतर है “मोको कहाँ ढूंढे रे...

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You Are the Sun, Rise Like a Seed: Awaken Your Infinite Power By Dr. Gyanendra Singh

Meta Description (SEO):Discover how to awaken your inner power through the wisdom of nature. Learn from the sun, seeds, and trees to nurture your dreams with passion and discipline...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी - 5 By Sonam Brijwasi

सुबह से ही शानवी का मन भारी था। रात वाले सपने ने उसे अंदर तक हिला दिया था। फिर भी वो खुद को संभालकर ऑफिस चली गई। पूरा दिन…वो बस काम में लगी रही।खुद को बिज़ी रखने की कोशिश करती रही।...

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जीवन का प्रत्यक्ष विज्ञान-दर्शन - वेदांत 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

 “जीवन का प्रत्यक्ष विज्ञान-दर्शन” — वेदांत 2.0   मनुष्य सदियों से खोज में है।   उसने धर्म बनाए, शास्त्र लिखे, गुरुओं का अनुसरण किया, साधनाएँ रचीं, और अनगिनत मार्गों पर चला — क्यों...

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ऋगुवेद सूक्ति (१२) की व्याख्या By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-(१२) की‌ व्याख्या- “त्वमस्माकं तव स्मसि”ऋगुवेद --८/९२/३२भावार्थ --प्रभु ! तू हमारा है हम‌ तेरे‌ हैं।यह आत्मसमर्पण, आश्रय और दिव्य–संबंध का उद्घोष है।अब इसी भाव को अन्...

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ईश्वर भक्त नष्ट नहीं होता By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (१०) की व्याख्या “न रिष्यते त्वावतः सखा” — (जो ईश्वर का सखा/भक्त है वह नष्ट नहीं होता) —इस भाव की पुष्टि अनेक उपनिषदों में मिलती है। प्रस्तुत हैं प्रमुख प्रमाण —(१)...

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ऋगुवेद सूक्ति (११) की व्याख्या By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

“ऋगुवेद सूक्ति--(11) की व्याख्या--एको विश्वस्य भुवनस्य राजा” — ऋग्वेद -- ६/३६/४ भावार्थ  --सब लोकों का स्वामी वह एक ही है। पूर्ण ऋचा इस प्रकार है--एको विश्वस्य भुवनस्य राजास योधया...

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वेदान्त 2.0 - भाग 36 By Vedanta Life Agyat Agyani

शून्य की यात्रा — न सत्य, न असत्य जीवन में न कुछ अंतिम सत्य है,न कुछ अंतिम असत्य।दुःख और सुखकोई शत्रु–मित्र नहीं—वे तो जीवन के दाएँ–बाएँ कदम हैं।कभी दुःख में खड़े रहने की हिम्मत आ...

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गीता और क़ुरआन By Vedanta Life Agyat Agyani

 शीर्षकगीता और क़ुरआनउपशीर्षकदोनों का सार एक ही सत्य है — शब्द अलग हैं AGYAT AGYANI-  VEDANTA 2.0 LIFE विषय सूची भूमिका— यह ग्रंथ नहीं, यह संकेत हैअध्याय 1 : शून्य का धर्म — ईश्वर...

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महाभारत की कहानी - भाग 194 By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग-१९८ भीष्म द्वारा वर्णित वराहरूपी विष्णु की कथा, यज्ञ में अहिंसा और प्राणदण्ड की निन्दा   प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य महाभारत रचना किया। इस...

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श्रापित एक प्रेम कहानी - 55 By CHIRANJIT TEWARY

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वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय - 3 By Prashanth B

स्कूल की घंटी बजी। अर्जुन और किरण स्कूल के बाहर आइसक्रीम की दुकान के पास खड़े थे। शांतप्पा की दुकान—जो मलनाड में अपनी मशहूर कुल्फी के लिए जानी जाती थी।"दो मैंगो कुल्फी," किरण ने कह...

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भक्त प्रह्लाद - 2 By Siya Kashyap

हिरण्याक्ष का उत्थान एवं पतनजब से सृष्टि-चक्र आरंभ हुआ, तभी से पुण्य व पाप का इतिहास-चक्र भी अपने अंदर अनेक रहस्य समेटे हुए निरंतर अबाध गति से चलायमान है। जिस प्रकार अच्छाई और बुरा...

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महाराणा प्रताप - अध्याय 3 By Narayan Menariya

अध्याय 3: रक्तरंजित हल्दीघाटी  सूरज अब सिर पर था। हल्दीघाटी की पथरीली धरती पर रक्त बह रहा था, और हवा में तलवारों की टकराहट, घोड़ों की हिनहिनाहट और घायल सैनिकों की चीखें गूंज रही थी...

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अदृश्य पीया - 14 By Sonam Brijwasi

(रात। कमरा शांत है। टेबल पर ग्रंथ खुला है, पास ही कौशिक का चश्मा।)(सुनीति खिड़की के पास खड़ी है। चेहरे पर डर नहीं… एक अडिग फैसला।)जब इंसान तय कर ले कि वो क्या खोने को तैयार है—तब ड...

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मै मन - 2 By Vedanta Life Agyat Agyani

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स्वधर्म संदेश - 2 By Vedanta Life Agyat Agyani

                               Part 2                            यही वेदान्त 2.0 की धारा है।      कबीर के उदाहरण (ईश्वर, गुरु, “मैं”, सत्य)  1️⃣  ईश्वर भीतर है “मोको कहाँ ढूंढे रे...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी - 5 By Sonam Brijwasi

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 “जीवन का प्रत्यक्ष विज्ञान-दर्शन” — वेदांत 2.0   मनुष्य सदियों से खोज में है।   उसने धर्म बनाए, शास्त्र लिखे, गुरुओं का अनुसरण किया, साधनाएँ रचीं, और अनगिनत मार्गों पर चला — क्यों...

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ऋगुवेद सूक्ति (१२) की व्याख्या By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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ईश्वर भक्त नष्ट नहीं होता By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (१०) की व्याख्या “न रिष्यते त्वावतः सखा” — (जो ईश्वर का सखा/भक्त है वह नष्ट नहीं होता) —इस भाव की पुष्टि अनेक उपनिषदों में मिलती है। प्रस्तुत हैं प्रमुख प्रमाण —(१)...

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ऋगुवेद सूक्ति (११) की व्याख्या By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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वेदान्त 2.0 - भाग 36 By Vedanta Life Agyat Agyani

शून्य की यात्रा — न सत्य, न असत्य जीवन में न कुछ अंतिम सत्य है,न कुछ अंतिम असत्य।दुःख और सुखकोई शत्रु–मित्र नहीं—वे तो जीवन के दाएँ–बाएँ कदम हैं।कभी दुःख में खड़े रहने की हिम्मत आ...

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गीता और क़ुरआन By Vedanta Life Agyat Agyani

 शीर्षकगीता और क़ुरआनउपशीर्षकदोनों का सार एक ही सत्य है — शब्द अलग हैं AGYAT AGYANI-  VEDANTA 2.0 LIFE विषय सूची भूमिका— यह ग्रंथ नहीं, यह संकेत हैअध्याय 1 : शून्य का धर्म — ईश्वर...

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